खतौली ट्रेन हादसा इंजीनियरिंग विभाग की लापरवाही या सिग्नलमैन की गल्ती।

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खतौली/मुजफ्फरनगर, यू.पी के खतौली में शनिवार की शाम हुए भीषण ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या 23 हो गई है और घायलों की संख्या 97 से ज्यादा बताई जा रही है, राहत-बचाव का कार्य जारी है, मुजफ्फरनगर के खतौली के पास हुए इस हादसे में ट्रेन की 14 बोगियां पटरी से उतर गई। इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक घटनास्थल से हथौड़े, रिंच और अन्य औजार मिले हैं, जिससे पता चलता है कि ट्रैक पर मरम्मत का काम चल रहा था, स्थानीय लोगों के मुताबिक ट्रैक पर काम चल रहा था, ट्रेन आने से पहले मरम्मत का काम करने वाले ट्रैक से हट गए, इस पर खतौली स्टेशन के सुपरिटेंडेंट राजेंद्र सिंह ने कहा कि हमको किसी ट्रैक रिपेयर की जानकारी नहीं थी, अगर कोई रिपेयर का काम होगा, तो वो इंजीनियरिंग विभाग को पता होगा, हमको जानकारी नहीं थी। हमारी ओर से कोई गलती नहीं हुई, कोई सिग्नल गलत नहीं दिया गया, उधर ट्रैक पर मरम्मत का काम चल रहा था, तो सिग्नलमैन ने कलिंगा-उत्कल एक्सप्रेस को ट्रैक पर जाने के लिए ग्रीन सिग्नल क्यों दिया, यह भी जाँच का विषय है, इससे रेलवे के विभाग प्रबंधन पर कई सवाल खड़े हुए हैं। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष, सदस्य (यातायात) को बचाव, राहत अभियान की देख-रेख करने का निर्देश दिया है, मैं स्थिति की निजी तौर पर समीक्षा कर रहा हूँ।

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