अठारह सालों से गोदाम में बंद हैं बाडी बैग व ताबूत

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                                  गत्ते में लपेट कर लाए जा रहे हैं जवानों से शव
नई दिल्ली| सन 1999 से 900 बॉडी बैग और 150 ताबूत गोदाम में बंद पड़े हैं और शहीद जवानों के शवों को गत्ते में लपेटकर लाया जा रहा है। सीबीआई 2013 में बंद हो चुके रिश्वत के इस मामले को लेकर अब भी विचार कर रही है। सेना ने गोदाम में बंद पड़े बॉडी बैग और ताबूत उसको जल्द सौंपने की मांग की है। चार लाख डॉलर के घूस के आरोपों और उसके बाद हुई सीबीआई जांच के मद्देनजर ये बॉडी बैग और ताबूत गोदाम में पड़े हुए हैं।
सेना ने इन बॉडी बैग और ताबूतों की मांग उस वक्त की है जब पिछले सप्ताह सात जवानों के शव प्लास्टिक के बोरियों में लपेटे जाने और गत्तों में रखे जाने की तस्वीर सामने आई थी, जिससे लोगों में आक्रोश पैदा हो गया था। बीते शुक्रवार को तवांग में एमआई-17 हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से इन जवानों की मौत हो गई थी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सेना ने सीबीआई से फिर आग्रह किया है कि वह बॉडी बैग और ताबूत सौंपे जाने में मदद करें। यह मामला 2013 में बंद हो गया था। इस बारे में संपर्क किए जाने पर सीबीआई सूत्रों ने कहा कि इस मामले पर विचार किया जा रहा है। कारगिल युद्ध के बाद राजग सरकार ने 3000 बॉडी बैग और 500 एल्यूमिनियम ताबूत की खरीद का आदेश दिया था। बाद में रिश्वत के आरोप लगने के बाद सौदे को रद्द कर दिया गया था, लेकिन तब तक 900 बॉडी बैग और 150 ताबूतों की आपूर्ति हो चुकी थी।

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