राजधानी में शिक्षाकर्मियों का धरना-प्रदर्शन जारी

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रावणभाठा मैदान में बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मी मौजूद, पुलिस द्वारा की जा रही गिरफ्तारियां
रायपुर। ईदगाह भाठा धरना स्थल में प्रदर्शन और गिरफ्तारियों के बाद भी शिक्षाकर्मियों के हौसले कम नहीं हुए। वे लगातार अपनी मांगों को लेकर राजधानी में धरना-प्रदर्शन कर रहे है। सोमवार को बड़ी संख्या में शिक्षाकर्मी रावणभाठा मैदान में सुबह से एकत्र होना शुरू हो गए। हालांकि दूसरी ओर जगह-जगह तैनात पुलिस जवानों द्वारा शिक्षाकर्मियों का एकत्र होने नहीं देने के मद्देनजर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है।
अनुमति नहीं मिलने के बाद भी राजधानी में शिक्षाकर्मियों के प्रदर्शन के कारण जिला प्रशासन ने शनिवार की देर शाम को लाखेनगर, बूढ़ातालाब सहित समस्त धरना स्थलों पर धारा 144 लागू कर दिया था। लेकिन धारा 144 लागू होने से शहर की जनता को हो रही भारी परेशानियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने आज धारा को हटा दिया है। जिसके बाद शहरवासियों ने राहत की सांस ली। धारा हटते ही पूर्व की तरह शहर में आवागमन सुचारू रूप से हो रहा है। हालांकि धारा हटने से शिक्षाकर्मियों को अभी भी रियायत नहीं मिली पायी है। पुलिस के जवान आज भी जगह-जगह बेरिकेट्स लगाकर तैनात है। रविवार तक धरना स्थलों पर धारा 144 लागू होने के कारण शिक्षाकर्मी रावणभाठा मैदान में एकत्र होना शुरू कर दिए है। आज भी शिक्षाकर्मी बड़ी संख्या में अलग-अलग मार्गों से रावणभाठा मैदान पहुंच रहे है। लेकिन जगह-जगह तैनात पुलिस जवानों द्वारा शिक्षाकर्मियों को रावणभाठा मैदान पहुंचने से पहले उनकी गिरफ्तारी शुरू कर दी है। पुलिस जवान बेरिकेट्स लगाकर जहां-जहां तैनात है वहां शिक्षाकर्मियो को देखते ही उन्हें वहां रोका जा रहा है और फिर दोपहिया व छोटी अलग-अलग वाहनों से उन्हें बसों तक पहुंचाया जा रहा है और फिर बसों के माध्यम से उन्हें अस्थायी जेल भेजा जा रहा है। इस तरह पुलिस आज सुबह से ही शिक्षाकर्मियों को हिरासत में लिया जा रहा है।
ज्ञात हो कि शिक्षाकर्मियों के आंदोलन का आज 15वां दिन है। शनिवार को शिक्षाकर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करने के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि शिक्षाकर्मी अपना आंदोलन स्थगित कर वापस काम पर लौट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शिक्षाकर्मी संघ के कई पदाधिकारी अभी भी जेल में है, वहीं करीब ढाई हजार शिक्षाकर्मियों को दोबारा राजधानी में प्रदर्शन नहीं करने की शर्त पर गिरफ्तारी के बाद रिहा किया गया था। इसके बावजूद शिक्षाकर्मियों ने अपना आंदोलन जारी रखा है।

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